अंबामाता क्षेत्र में दो नाबालिग बच्चे सुरक्षित परिजनों तक पहुंचे, जागरूक नागरिक और पुलिस की तत्परता से टला खतरा !

उदयपुर !
अंबामाता क्षेत्र स्थित महाकाल मंदिर के पास दो नाबालिग बच्चों को अकेले भटकते देख एक जागरूक नागरिक की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उन्हें सकुशल उनके परिजनों तक पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, सोशल एवं एनवायरमेंटल एक्टिविस्ट तथा लायंस इंटरनेशनल क्लब मंगलम की वाइस प्रेसिडेंट अरुणा सुराणा ने मंदिर के पास दो छोटे बच्चों को बिना चप्पल के इधर-उधर घूमते देखा। संदेह होने पर उन्होंने बच्चों से बातचीत की, जिसमें बच्चों ने बताया कि वे अपने गांव झाड़ोल से अकेले बस में बैठकर उदयपुर आए हैं और यहां काम करने वाले अपने दादाजी को खोज रहे हैं।


बच्चों के पास न तो दादाजी का कोई संपर्क नंबर था और न ही सही पता। आसपास पूछताछ करने पर भी उनके दादाजी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बच्चों की मदद के उद्देश्य से अरुणा सुराणा उन्हें अपने घर के बाहर बैठाकर खाने की व्यवस्था करने अंदर गईं, लेकिन इस दौरान बच्चे वहां से निकल गए और सड़क की ओर भागने लगे।
स्थिति को गंभीर समझते हुए उन्होंने तुरंत अंबामाता थाने में सूचना दी। सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल निशा ने तत्परता दिखाते हुए महज 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर बच्चों का पीछा कर उन्हें सुरक्षित पकड़ लिया।
इसके बाद दोनों बच्चों को थाने लाकर पूछताछ की गई और उनके बताए अनुसार झाड़ोल थाने से संपर्क कर उनके परिजनों की जानकारी जुटाई गई। बाद में उदयपुर में रह रहे उनके रिश्तेदार को थाने बुलाकर बच्चों को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
इस पूरी घटना में एक जागरूक नागरिक की सजगता और पुलिस की मुस्तैदी से दो मासूम बच्चों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया जा सका।
संदेश:
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी नाबालिग बच्चे अकेले या संदिग्ध स्थिति में नजर आएं तो उनसे पूछताछ कर उनकी मदद करें और तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें, ताकि उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके।

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