उदयपुर पुलिस ने होटल व्यवसाय के पीछे चल रही आपराधिक साजिश का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

उदयपुर। सूरजपोल थाना पुलिस ने मंगलवार को एक सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश किया है, जिसमें होटल कारोबार की आड़ में चल रही आपराधिक साजिशें उजागर हुई हैं। पुलिस ने गश्त के दौरान दो होटल व्यवसायियों को मादक पदार्थ एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया, जो अपने ही कारोबारी साथी को झूठे केस में फंसाने की साजिश रच रहे थे।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी का विवरण

जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशानुसार जिले में आपराधिक गतिविधियों और मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी दिशा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश ओझा और वृताधिकारी नगर पूर्व छगन पुरोहित के सुपरविजन में सूरजपोल थाना प्रभारी रतन सिंह के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमें लगातार थाना क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थीं।

पुलिस टीम ने 2 अक्टूबर को माली कॉलोनी, न्यू रोड पर चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों को रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से 10 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडीएमए बरामद हुआ। दोनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:

  • नितिन कुमार, पुत्र योगेश कुमार, निवासी सूरजपोल, जनता मार्ग, वर्तमान में गोवर्धन विलास
  • हितेश कुमार, पुत्र छगनलाल, निवासी फालना, जिला पाली, वर्तमान में होटल मानसी पैलेस, उदयपुर

पूछताछ में सामने आया सनसनीखेज मामला

गिरफ्तार नितिन कुमार ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 5 महीनों से टेकरी निवासी जयराम गुर्जर के साथ जयपुर और उदयपुर में होटल लेकर पार्टनरशिप में व्यवसाय कर रहा था। दोनों ने बराबर की पूंजी लगाई थी, लेकिन कुछ समय पूर्व जयराम ने नितिन को जयपुर स्थित होटल से बाहर कर दिया और उसकी पूंजी भी लौटाई नहीं।

इस विवाद ने नितिन को इतना नाराज कर दिया कि उसने अपने साथी हितेश कुमार के साथ मिलकर जयराम को फंसाने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने रणकपुर निवासी रघुनाथ चौधरी से एमडीएमए खरीदी और योजना बनाई कि इसे जयराम की कार में रखकर उसे झूठे एनडीपीएस केस में फंसाया जाए।

लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। साजिश को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने दोनों को धर दबोचा और एमडीएमए जब्त कर लिया।

आगे की जांच और खुलासे

दोनों आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है। इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि रघुनाथ चौधरी से मादक पदार्थ की खरीद और सप्लाई कैसे हुई। साथ ही, जयराम गुर्जर को फंसाने में और कौन शामिल था, इसकी भी तहकीकात की जा रही है।

एसपी योगेश गोयल ने कहा, “उदयपुर पुलिस का मादक पदार्थों और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। जो लोग व्यक्तिगत दुश्मनी या व्यवसायिक विवाद में इस तरह की हरकतें कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

स्थानीय सुरक्षा के लिए पुलिस की सतर्कता

इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाने या 180 पुलिस हेल्पलाइन पर दें।

इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि व्यवसायिक विवाद भी अगर आपराधिक साजिश में बदल जाए तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पुलिस की सतर्कता और सक्रियता ने समय रहते एक बड़ी घटना को रोक दिया और कानून का पक्ष मजबूत किया।

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