पूर्व राजपरिवार का संपत्ति विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा,लक्ष्यराज सिंह की बहन ने अरविंद सिंह मेवाड़ की वसीयत को दी चुनौती

उदयपुर। पूर्व मेवाड़ राजपरिवार में दशकों से चला आ रहा संपत्ति विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सिटी पैलेस, एचआरएच होटल्स ग्रुप सहित अन्य बहुमूल्य संपत्तियों को लेकर भाई–बहन आमने-सामने हैं। अरविंद सिंह मेवाड़ की वसीयत को चुनौती दिए जाने के बाद यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां से इसे दिल्ली हाईकोर्ट में सुने जाने का रास्ता साफ कर दिया गया है। यह विवाद कानूनी होने के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व भी रखता है।

पूर्व राजपरिवार में चल रहा यह संपत्ति विवाद अरविंद सिंह मेवाड़ के पुत्र लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और पुत्री पद्मजा कुमारी परमार के बीच है। मामला सिटी पैलेस, एचआरएच होटल्स ग्रुप और अन्य पारिवारिक संपत्तियों के स्वामित्व से जुड़ा हुआ है। पद्मजा कुमारी परमार ने अपने पिता अरविंद सिंह मेवाड़ की वसीयत को चुनौती दी है, जबकि लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ स्वयं को परिवार का वैधानिक उत्तराधिकारी और एचआरएच ग्रुप का मालिक बताते हैं।

दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग हाईकोर्ट में लंबित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह सुझाव दिया कि सभी संबंधित मामलों की सुनवाई एक ही न्यायालय में होनी चाहिए, ताकि एकरूपता बनी रहे। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि यह पूरा मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया जाए।

अब 11 जनवरी को दिल्ली हाईकोर्ट में इस महत्वपूर्ण प्रकरण पर सुनवाई होनी है। गौरतलब है कि पूर्व राजपरिवार में संपत्ति विवाद कोई नया नहीं है। महाराणा भगवत सिंह मेवाड़ के समय से ही पारिवारिक संपत्तियों को लेकर कानूनी लड़ाई चलती आ रही है। वर्ष 2020 में उदयपुर जिला न्यायालय ने संपत्तियों को चार हिस्सों में बांटने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका।

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