डूंगरपुर। डूंगरपुर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक चौंकाने वाली और फिल्मी अंदाज की कार्रवाई करते हुए 160 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गुजरात के दाहोद जिले में एक शादी समारोह के दौरान मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह रही कि पुलिसकर्मी साफा-पगड़ी और शेरवानी पहनकर बारात में मेहमान बनकर पहुंचे और मौके पर ही आरोपी को दबोच लिया।
डूंगरपुर पुलिस की साइबर सेल को लंबे समय से देशभर में फैले एक बड़े ऑनलाइन ठगी नेटवर्क की तलाश थी। जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने लोगों को झांसे में लेकर 450 से अधिक फर्जी बैंक खाते खुलवाए। इन खातों का उपयोग शेयर मार्केट, क्रिप्टो करेंसी, ट्रेडिंग और बेटिंग ऐप्स के माध्यम से ठगी करने में किया गया। अब तक इस नेटवर्क के जरिए करीब 160 करोड़ रुपये की ठगी होने की पुष्टि हुई है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि इस गिरोह का मुख्य आरोपी कौशल कुम्हार गुजरात के दाहोद जिले में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा है। इसके बाद डूंगरपुर साइबर सेल की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम के पांच पुलिसकर्मी शेरवानी पहनकर और सिर पर साफा-पगड़ी बांधकर बारात में मेहमान बनकर पहुंचे। जैसे ही आरोपी की पहचान सुनिश्चित हुई, पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी कौशल कुम्हार ने अपने साथी इलेश पटेल उर्फ निलेश कलाल का नाम उजागर किया, जिसे बाद में सागवाड़ा से गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी बैंककर्मी होने का फायदा उठाकर गरीबों, मजदूरों और छात्रों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और उनके एटीएम कार्ड व चेकबुक अपने पास रख लेते थे। बाद में ये खाते दुबई और जॉर्जिया में बैठे साइबर ठगों को सौंप दिए जाते थे, जिनके जरिए करोड़ों रुपये की ठगी की गई।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। डूंगरपुर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।