जयपुर से उदयपुर तक गूंजा ‘नव विधान’ का संदेश, नए आपराधिक कानूनों पर छह दिवसीय प्रदर्शनी का उदयपुर में सीधा प्रसारण !
देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों की जानकारी आमजन तक पहुँचाने के उद्देश्य से जयपुर के सीतापुरा में आयोजित “नव विधान दृ न्याय की नई पहचान” कार्यक्रम का उदयपुर में सीधा प्रसारण हुआ। यह छह दिवसीय प्रदर्शनी सोमवार से शुरू हुई, जिसमें देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

मुख्य विवरण:
उदयपुर में यह कार्यक्रम नगर निगम के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में बड़ी एलईडी स्क्रीन पर लाइव दिखाया गया। कार्यक्रम में शहर के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। विशेष रूप से नए आपराधिक कानूनों की रूपरेखा को समझने और जन-जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम में उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव, जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल, महिला सखी, पुलिस मित्र, सुरक्षा सखी, लॉ स्टूडेंट्स, सीएलजी सदस्य, शांति समिति के सदस्य, चाइल्ड लाइन प्रतिनिधि और विभिन्न एनजीओ के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने जयपुर से सीधा वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में न्याय व्यवस्था को औपनिवेशिक ढाँचे से मुक्त कर आत्मनिर्भर और संवेदनशील बनाया जा रहा है। ये नए कानून अपराधी से पहले पीड़ित के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करते हैं।”
स्थानीय प्रतिक्रिया:
उदयपुर के प्रतिभागियों ने बताया कि इस तरह के आयोजन आमजन को न्याय प्रणाली की नई दिशा में जागरूक करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महिला सखी और पुलिस मित्र समूहों ने इसे “जन-जागरूकता का ऐतिहासिक कदम” बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम लोगों में न्याय के प्रति विश्वास और कानून के प्रति जागरूकता को मजबूत करेगा।
कार्यक्रम की विशेषताएँ:
- कार्यक्रम के दौरान नए आपराधिक कानूनों, पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
- प्रतिभागियों को कानून के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए वीडियो, सत्र और डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
- महिलाओं और युवाओं को कानून के प्रति सजग करने पर विशेष जोर दिया गया।
- स्थानीय एनजीओ और सामुदायिक समूहों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे नई न्याय प्रणाली को आमजन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
विशेष टिप्पणी:
पुलिस विभाग और समाजिक संगठनों ने इस कार्यक्रम को न्याय व्यवस्था और कानून के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक कदम बताया। उनका कहना था कि इस तरह के संवादात्मक और दृश्य माध्यम से कार्यक्रम आमजन को सिर्फ कानून की जानकारी ही नहीं देता, बल्कि उन्हें अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक भी करता है।
निष्कर्ष:
नव विधान कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट किया कि भारत में न्याय व्यवस्था अब केवल अपराधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह पूरी तरह पीड़ित-केंद्रित होगी। उदयपुर में इसका लाइव प्रसारण आमजन के बीच कानून के प्रति जागरूकता फैलाने का एक मजबूत माध्यम बनकर उभरा।