उदयपुर | अरावली पर्वतमाला को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में सोमवार को उदयपुर में जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक जिला कलेक्ट्रेट के बाहर एकत्र हुए और फैसले के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास करने लगे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग करते रहे।


प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अरावली पर्वतमाला में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को संरक्षण के दायरे से बाहर करने का फैसला पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा साबित होगा। उनका तर्क है कि उदयपुर और मेवाड़ अंचल की अधिकांश पहाड़ियां 100 मीटर से कम ऊंचाई की हैं, जो जल संरक्षण, हरियाली और जलवायु संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने चेतावनी दी कि यदि इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो अरावली क्षेत्र में खनन और अंधाधुंध दोहन का रास्ता खुल जाएगा। इससे न केवल जलस्तर में गिरावट आएगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में पर्यावरणीय असंतुलन भी बढ़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि वह अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर अरावली पर्वतमाला के संपूर्ण संरक्षण को सुनिश्चित करे।