उदयपुर में भूमि लेन–देन को लेकर बड़ा आरोप, क्रेताओं ने भूमाफ़िया नेटवर्क पर लगाया साजिश रचने का दावा

उदयपुर। जिले में भूमि लेन–देन से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ भूमि क्रेताओं ने भूमाफिया तत्वों और उनसे जुड़े विक्रेताओं पर वैध जमीन सौदों को विवादित बनाने और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। इस संबंध में शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्रेताओं ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रेस वार्ता में भूमि क्रेता प्रेम शंकर जोशी, केशुलाल डांगी और ब्रजमोहन नागदा ने बताया कि गोगुंदा पंचायत समिति क्षेत्र के कदमाल गायरियों का गुड़ा गांव में स्थित तीन बीघा भूमि का सौदा पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत किया गया था। उनके अनुसार अमरा गायरी पुत्र खेता गायरी ने 21 मार्च 2022 को बड़गांव स्थित उप-पंजीयक कार्यालय द्वितीय में विधिवत पंजीकृत पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से भूमि का अधिकार सौंपा था। इस दौरान अमरा गायरी का पुत्र रामलाल गायरी स्वयं गवाह के रूप में उपस्थित था।

क्रेताओं ने बताया कि इसी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर 16 मई 2024 को बड़गांव उप-पंजीयक कार्यालय द्वितीय में उनके नाम रजिस्ट्री संपन्न हुई, जिसमें पांच लाख 88 हजार रुपये की स्टांप ड्यूटी अदा की गई। सभी दस्तावेज नियमानुसार तैयार किए गए और प्रक्रिया पूरी तरह वैध रही।

क्रेताओं का आरोप है कि अब निजी स्वार्थ और लालच के चलते इस वैध भूमि सौदे को विवादित दिखाने की कोशिश की जा रही है। उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से उनकी सामाजिक छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह दबाव बनाकर उन्हें उनके कानूनी अधिकारों से पीछे हटाने की साजिश है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्रेताओं ने दावा किया कि यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि एक संगठित भूमाफिया नेटवर्क की कार्यप्रणाली को दर्शाता है, जो आम नागरिकों को डराने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सभी दस्तावेजों की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष नागरिक के सम्मान और अधिकारों के साथ खिलवाड़ न हो।

आपके लिए हालिया खबरें