राजसमंद। जिले के दरीबा क्षेत्र में यूनियन उपाध्यक्ष नरहरि सिंह राठौड़ पर हुए हमले के बाद मजदूरों का आक्रोश फिलहाल शांत हुआ है, लेकिन आंदोलन की चेतावनी अब भी कायम है। नरहरि सिंह राठौड़ की अपील पर बुधवार को सभी मजदूर पुनः काम पर लौट आए। वहीं यूनियन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि पुलिस प्रशासन तय समयसीमा तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं करता है, तो राजसमंद जिला कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दरीबा क्षेत्र में मजदूर संगठन और प्रशासन के बीच बनी सहमति के बाद कार्य बहिष्कार समाप्त किया गया। यूनियन उपाध्यक्ष पर हुए हमले के विरोध में दरीबा माइंस, दरीबा स्मेल्टर तथा एसके माइंस के सैकड़ों मजदूरों ने बीते दिन काम ठप कर दिया था। देर रात तक मजदूर दरीबा खान मजदूर संघ कार्यालय पर डटे रहे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते रहे।

बुधवार सुबह छह बजे से मजदूर पुनः यूनियन कार्यालय पहुंचे, जहां एक विशाल सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरहरि सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रबंधन के आश्वासन और प्रशासन की कार्रवाई के भरोसे पर मजदूर फिलहाल काम पर लौट रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय प्रशासन को समय देने के उद्देश्य से लिया गया है, न कि आंदोलन को समाप्त करने के लिए।
यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस प्रशासन तय समयसीमा तक हमलावरों को गिरफ्तार करने में विफल रहता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत कल सुबह सभी मजदूर राजसमंद जिला कलेक्ट्रेट पर एकत्रित होकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
सभा में दरीबा स्मेल्टर प्लांट, सिंदेसर खुर्द खान और दरीबा माइंस के यूनियन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मजदूर नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मजदूरों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने तक दबाव बनाए रखा जाएगा।